Kahe kya abroo insaano ki kya hoti hai

यु  अर्ज़  कर  फ़र्ज़  के  कर  गुजरी  बाया  करते  है! 
हमें  भि  आपसी  कई  बे  फिकरी  दिया  करते  है! 
ज़माने  भर  के  लोगो  यही  तोहमत  मलि  मुह  पे,
हर  एक  सांस  को  मेरी  आखरी  कहा  करते  है!